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5 August 2017

RBI ने बेसल 3 परिसम्पत्ति आधार को बढ़ाया

2019 से बेसल 3 व्यवस्था के तहत को पूंजी आवश्यकताओं के कार्यान्वयन से पहले RBI ने पिछले नियमों में कई तरह के सुधार किए हैं जिससे बैंकों ने अपने पूंजी वफर्स को मजबूत किया है तथा नगदी अनुपात में सुधार किया है। हाल में ही लिए गए निर्णयों में RBI ने CRR, SLR में अतिरिक्त G-II Holdings तथा CGL सुविधा के तहत अपने पास नकदी परिसम्पत्तियों को बढ़ाने का निर्देश दिया हैं ताकि बैंक्स जोखिम स्थिति का सामना करने में सक्षम हो सकें।

बेसल 3

बेसल 3 मानकों को 3 दिसम्बर 2010 में जारी किया गया था। यह अपनी श्रृंखला का तीसरा समझौता है। भारत में सभी बैक्स इसे 2019 तक अपनाने के लिए प्रतिबध्द हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वित्तीय तथा आर्थिक तनाव से निपटाने के लिए बैंकिग क्षमता और जोखिम प्रबंधन में सुधार तथा बैंक की पारदर्शिता को मजबूत करना है।

SIDBI (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक)
यह भारत की एक स्वतंत्र वित्तीय संस्था है जो सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों की वृध्दि एवं विकास के लक्ष्य को स्थापित किया गया है। यह लघु उद्योग क्षेत्र के संवर्धन, वित्त पोषण विकास एवं इसी तरह की गतिविधियों में लगी अन्य संस्थाओं के कार्यों के समन्वय के लिए मुख्य विकास एजेंसी है। इसकी स्थापना 1 अप्रैल, 1990 में हुई।

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Amit Singh

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