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7 JULY 2017

मालाबार युद्धाभ्यास

यह युद्ध अभ्यास एक नौसैन्य अभ्यास है जो कि बंगाल की खाडी में शुरु हुआ। इस युद्धाभ्यास में पहली बार ती देश अमेरिका भारत भाग ले रहे हैं। यह अभ्यास अब तक का सबसे बडा युद्धाभ्यास है। इस अभ्यास में सौ से ज्यादा युद्ध विमान, 22 नौसैनिक पोत एवं एक परमाणु संचालित पनडुब्बी भाग ले रही है।
यह युद्धाभ्यास इस लिहाज से अहम् है कि दक्षिण चीन महासागर के करीब ऐसे समय में किया जा रहा है जब चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा मजबूत कर रहा है। इसके अलावा चीन भारत की सीमाओं पर भी अतिक्रमण करने का प्रयत्न कर रहा है। इसी को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री द्वारा हाल में ही अमेरिका व इजरायल की यात्राएं की गई और उनसे अपने सम्बन्धों को विस्तार दिया। जापान के इस युद्धाभ्यास में शामिल होने से इस अभ्यास का महत्व और बढ जाता है क्योंकि दक्षिण चीन सागर में स्थित द्वीप समूहों को लेकर जापान और चीन की One Belt One Road (OBOR) परियोजना का भी बहिष्कार किया है और जापान भी इससे अलग ही है। इस तरह यह स्पष्ट होता जा रहा है कि नई दिल्ली अब संतुलन की नीति को छोडकर अपनी संप्रभुता के लिए स्पष्ट रणनीति अपना रहा है।

स्थायी विकास के लिए 2030 एजेंडा

2030 तक विश्व में स्थायी विकास स्थापित करने एवं संयुक्त राष्ट्र के विकास ढांचे को मजबूत करने के लिए संंयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने 8 चरणीय रुप रेखा प्रस्तुत की।

  1. 2030 तक दिए हुए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विकास प्रणाली में तेजी
    से परिवर्तन लाना है, अवरोधों को समाप्त करना और कौशल में सुधार करना।
  2. विकास के लिए वित्त पोषण को मजबूत करना। जिस से सरकारें योजनाओं का भली-भाँति प्रंबधन कर सके, साथ ही, निजी क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों एवं अन्य भागीदारों को साथ लाने की रुपरेखा तैयार करना।
    संयुक्त राष्ट्र केन्द्री टीमों की प्रभावशीलता को बढाना जिसमें किसी देश
  3. विशेष में काम कर रही संयुक्त राष्ट्र की सभी एजेंसियों का समन्वय करना है।
  4. United Nations Development Programme से संयुक्त राष्ट्र समन्वयकों को अलग करना।
  5. मुख्यालय के स्तरों में सुधार के प्रयासों के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना
    कि किसी देश में विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नई नौकरशाही एवं विशेष संस्थानों की स्थापना करना।
  6. क्षेत्रीय स्तर पर एक संयोजी टीम का निर्माण करना जो कि योजनाओं की
    प्रतिपुष्टि प्रदान कर सके।
  7. संयुक्त राष्ट्र की विकास प्रणाली को अधिक जबावदेह बनाना।
  8. हाल में ही एंटीनियों गुटेरेस ने अमीना मोहम्मद को संयुक्त राष्ट्र सचिवालय
    का Deputy Secretary-General नियुक्त किया है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005

इस अधिनियम को 2004 में आए सुनामी के बाद पारित किया गया। इसके महत्वपूर्ण तथ्य निम्नलिखित हैं-

  • यह आपदा के प्रभाव को कम करने का प्रयास करता है।
    आपदा में त्वरित प्रक्रिया करने का सुझान विभिन्न विभागों को देता है।
  • आपदा प्रंबधन के लिए राष्ट्रीय योजनाएँ बनाता है।
  • कमजोर वर्गों की सुरक्षा में शासन को सहयोग देता है।
    इसी अधिनियम के तहत भारत में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की स्थापना की गई जो भारत में आपदा प्रबंधन के लिएnodal agency के तौर पर काम करता है। इसका chairperson प्रधानमंत्री होता है। इसी के तहत 2005 में एक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना की गई जिसका अध्यक्ष गृहमंत्री होता है। हाल में ही संजय कुमार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। इनकी नियुक्ति केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की गई।

 

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Amit Singh

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